Sat Jul 24 2010 18:30:31 GMT+0530 (India Standard Time)
पर्ल्स इंफ्रास्ट्रक्चर दिल्ली कोत्योर वीक में हर तरफ फैशन का जलवा दिखाई दे रहा है, लेकिन यह चमक सिर्फ इसलिए नहीं होती, क्योंकि ऐसे शोज में ढेर सारे बेहतरीन डिजायनर चमकदार कपड़ों को फैशन की दुनिया में लेकर आते हैं। दरअसल, इस चमक के पीछे होता है बड़ा बिजनेस। बिजनेस जो मॉडल्स, डिजायनर उनके कपड़ों के साथ ऐसे आयोजनों से जुड़े लोगों को मिलने वाले रोजगार से होता है।
पर्ल्स इंफ्रास्ट्रक्चर एंड प्रोजेक्ट्स लिमिटेड दिल्ली कोत्योर वीक में देश के नामी डिजाइनरों ने अपने शानदार कलेक्शन पेश किए। सब्यसाची मुखर्जी और मनीष मल्होत्रा ने शो की शुरुआत की। इसके बाद गौरव गुप्ता के कलेक्शन और रोहित बल के पूल साइड ड्रामे ने कोत्योर वीक का अंदाज ही बदल दिया। दिल्ली फैशन के रंग में पूरी तरह से रंग चुकी है, क्योंकि पर्ल्स इंफ्रास्ट्रक्चर एंड प्रोजेक्ट लिमिटेड दिल्ली कोत्योर वीक का आगाज़ हो चुका है। देश के नामी डिजायनर्स अपने कलेक्शन शो केस कर रहे हैं। इस वीक का आगाज़ सब्यसाची ने किया। और शो ओपनर के तौर पर आईं रानी मुखर्जी और विद्या बालन। उन्होंने इस शो में चार चांद लगा दिया।
दिल्ली में पहली बार कोत्योर वीक आया, तो सब्या भी इतिहास की जड़ों में लौटे। फैब्रिक और फील के खास अहसास के लिए सब्या मुगलकाल के दौर में लौटे. जहां समाज में महिलाओं की अहम भूमिका थी, वह अपराजिता थी।
कम उम्र में ही सारे जमाने को मनीष मल्होत्रा ने अपना दीवाना बना लिया है। मनीष मल्होत्रा फैशन इंडस्ट्री में इकलौते ऐसे फैशन डिजायनर हैं जिनकी बॉलीवुड में काफी डिमांड है, बीस साल के करियर में बड़े-बड़े नामी सितारों को अपने कलेक्शन से सजा चुके हैं।
गौरव गुप्ता फैशन को फेंटेसी से जोड़ना जानते हैं। वे महज लिबास नहीं तैयार करते, लिबासों के साथ साथ वे महिलाओं के लिए ख्वाबों और अरमानों की एक नई दुनिया बुनते हैं। पर्ल्स इंफ्रास्ट्रक्चर एंड प्रोजेक्ट्स लिमिटेड दिल्ली कोत्योर वीक के दूसरे दिन गौरव गुप्ता ने अपनी डिजाइन पेश की। उनके लिबास में महिलाएं सफेद वस्त्र भी पहनती हैं, तो वह एक स्टाइल स्टेटमेंट लगता है। प्लेटेड साड़ी और लहंगा गाउन गौरव की पहचान है। इस शो की शान रही नेहा धूपिया।
फैशन की दुनिया में रोहित बल का नाम किसी परिचय का मोहताज नहीं है। देश-विदेश में अपने फैशन का डंका बजा चुके हैं रोहित बल। तभी तो टाइम मैग्जीन ने भी इन्हें ‘मास्टर ऑफ फैब्रिक एंड फैंटेसी’ की उपाधि से नवाजा है। बॉलीवुड के अमूमन सभी नामचीन हस्तियों के लिए ड्रेस डिजाइन कर चुके रोहित बल के डिजाइन किए परिधान पहनकर रैम्प पर कैटवॉक करना मॉडल्स की ही नहीं, हर सेलिब्रिटी की हसरत होती है। रोहित के फैशन की खासियत है सोफिस्टिकेटेड कट्स के साथ फैब्रिक्स का अनूठा एक्सपेरिमेंट और इस बार पर्ल्स इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स कोत्योर फैशन वीक में रोहित ने अपने थीम को पूरी तरीके से व्हाइट कलर ही रखा।
हालांकि रोहित के डिजाइंस सिर्फ शोकेस के लिए थे और उन्हें आम पहनावे की तरह पहना नहीं जा सकता था, लेकिन वो आने वाले फैशन ट्रेंड का भरपूर आभास करा रहे थे। पुरुषों के स्टाइल्स में ज्यादातर शेरवानी पर डबका वर्क और एंब्रोयडरी का इस्तेमाल देखने को मिला। स्लीव्स पर क्लासी डिजाइंस का पैटर्न भी नजर आया।
पर्ल्स इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स दिल्ली कोत्योर वीक में, मानव गंगवानी और पल्लवी जयकिशन, अनामिका खन्ना, जेजे वलाया, वरुण बहल, सुनीत वर्मा, राकेश अग्रवाल, रीना ढाका, अबू जानी और संदीप खोसला ने भी अपने कलेक्शन पेश किए। मानव गंगवानी के कलेक्शन में भारतीयता झलकती है, जिसमें कलर्स का वे खूबसूरती से इस्तेमाल करते हैं। फैशन की दुनिया में मानव गंगवानी का नाम तेजी से एक ब्रांड के रूप में उभर रहा है, क्योंकि उनके डिजाइन किए गए ड्रेस महिलाओं के दिलों में रच-बस जाते हैं। तभी तो मानव का भी कहना है कि फैशन इंद्रियों से और एक महिला की आंतरिक भावनाओं से जुड़ा़ होता है। यही वजह है कि मानव अपने कलेक्शन में पुरातन, उत्कृष्ट और समसामयिक खूबियों वाला क्रिस्टल का भरपूर इस्तेमाल करते हैं।
मानव गंगवानी अपने हर डिजाइन का शोकेस इतने बेहतरीन ढंग से करते हैं कि दर्शक देखते ही रह जाते हैं। पर्ल्स कोत्योर वीक के तीसरे दिन मानव का शो बेहद ख़ास रहा। बॉलीवुड के कई सितारे रैंप पर मानव के इस शो में नजर आए। रितेश देशमुख, जैकलीन फर्नांडिस, जायद खान, कुणाल खेमू, सोफी चौधरी, सोहा अली खान, अफताब शिवदासानी ये वे नाम हैं जो मानव का शो खत्म होने के साथ रैंम्प पर उतर आए।
पल्लवी जयकिशन भले प्रख्यात और दिवंगत म्यूजिक डायरेक्टर जयकिशन की पत्नी हों, लेकिन सिर्फ इस पहचान की ही मोहताज नहीं हैं पल्लवी। पल्लवी अपने कलेक्शन में नेचर के करीब जाना पसंद करती हैं और अपने कलेक्शन के हर परिधान में अलग-अलग आकार और रंगों के फ्लावर्स का यूज करती हैं। सच तो यह है कि फैशन की दुनिया में पल्लवी को उनके फ्लावर्स लव के लिए भी जाना जाता है। उनका मानना है कि भारतीय दुल्हनों के लिए ट्रेडिशनल ब्राइडल ड्रेसेज की ओर रुख करने का यही सही समय है। ब्राइडल ड्रेसेज पर लेस, धागे, क्रिस्टल, फूलों और बीड्स के साथ वेलवेट, नेट, ब्रोकेड और जॉर्जेट का इस्तेमाल करती हैं। इन परिधानों में नीले, हरे, पीच और प्लम जैसे चमकीले रंगों का प्रयोग करती हैं।
धोती जैसे फ्लैट और ट्रेडिशनल कपड़े को भी फैशन से जोड़कर उसे इंटरनेशनल लुक में पेश कर दिखाया है। यही वजह है कि डिजाइनर अनामिका खन्ना के डिजाइन ट्रेडिशनल होने के साथ ही कंटम्परेरी भी होते हैं और अपने ऐसे कलेक्शन को वे आज की मॉडर्न महिला को डेडिकेट करती हैं। उनके कलेक्शन में फ्यूजन का जोर बिन ढूंढे ही मिल जाता है, क्योंकि अनामिका सिंपल सिलुएट्स का ट्रेंड फॉलो करती हैं। अनामिका की खूबी है कि वे हर परिधान पहनने वालों के आराम का ख्याल रखते हुए डिजाइन करती हैं। तभी तो इनके डिजाइन और कट सबका ध्यान अपनी ओर खींचते हैं।
फैशन की दुनिया में जे.जे. वलाया को कोत्योर किंग कहा जाता है, क्योंकि उन्होंने सिर्फ ड्रेस डिजाइनिंग में ही फैशन डिजाइनिंग का इस्तेमाल नहीं किया है, बल्कि थीम वेडिंग से लेकर वेन्यू डिजाइन और फूड डिजाइन के अलावा फर्न्स एंड पेटल्स के साथ उनका गठजोड़ फ्लावर डेकोरेशन की दुनिया में एक नायाब तोहफा जैसा है। यहां तक कि लग्जरी वेडिंग का कॉन्सेप्ट भी वलाया ने ही ईजाद किया है। जेजे का फैशन कॉन्सेप्ट काफी लार्ज स्केल का है। जिसके तहत वे महल में शादी से लेकर शादी में फैशन शो तक का कॉन्सेप्ट शामिल करते हैं। देश के अमूमन सभी टॉप सिटीज के साथ न्यूयॉर्क, जोहान्सबर्ग, दुबई, सिंगापुर, हांगकांग, पेरिस आदि में आयोजित फैशन शोज में वाहवाही बटोर चुके वलाया के फैशन की धाक बॉलीवुड में भी है, तभी तो बॉलीवुड के कई सितारों के पसंदीदा फैशन डिजाइनर हैं जेजे वलाया।
पर्ल्स दिल्ली कोत्योर वीक हो या फिर दूसरे फैशन वीक। आखिर किनके लिए होते हैं ऐसे फैशन शो। डिजाइनर ये कपड़े किसके लिए बनाते हैं, ये बात कम ही लोगों की समझ में आती हैं। हमारी ये खास रिपोर्ट बता रही है कि आखिर ऐसे फैशन शोज में दिखाए जाने वाले कपड़े किनके लिए होते हैं...
दिल्ली में चल रहे पर्ल्स इंफ्रास्ट्रक्चर दिल्ली कोत्योर वीक में देश के कई नामी-गिरामी फैशन डिज़ाइनर अपना जलवा बिखेर रहे हैं। बड़ी संख्या में ये डिज़ाइनर अपना बेहतरीन कलेक्शन लोगों के सामने पेश कर रहे हैं। फैशन इवेंट्स के साथ दिल्ली के फैशन स्टाइल में कहीं कोई कमी नहीं है, लेकिन फैशन इंडस्ट्री अब यहां के लोगों को जल्दी ही हाई एंड फैशन के अंदाज दिखाने जा रही है। वैसे भी कोत्योर का मतलब ही फैशन में बेस्ट क्वॉलिटी वर्क से है, जिसके चलते इसमें रनवे पर अपना काम दिखा रहे हैं 13 डिजाइनर्स। जहां सामान्य फैशन वीक के कपड़े एलीट क्लास के रोज के पहनने वाले कपड़ों को दिखाते हैं, वहीं कोत्योर वीक में ब्राइडल ड्रेसेज पर जोर होता है।
ज्यादातर शादी के सीजन के ठीक पहले इनका आयोजन होता है। कॉर्पोरेट सेलिब्रिटी शादी में कुछ अलग हटके दिखने के लिए इन आयोजनों में आते हैं। इस शो में ढेर सारी एंब्रॉयडरी, भारी कपड़े, चटक रंग का इस्तेमाल होता है। यही नहीं इसका बाजार भी भारत में तेजी से बढ़ता जा रहा है और आने वाले दिनों में इसका बाजार और बढ़ेगा।
बहरहाल, जब फैशन इंडस्ट्री ने फैशन का बेस्ट लेवल दिल्ली को पेश करने का फैसला कर लिया है, तो उम्मीद है कि आयोजन के बाकी मामले भी बेस्ट लेवल के ही होंगे।
फैशन वीक में डिजाइनर पेश करते हैं ढेर सारे कलेक्शन और उन कलेक्शंस को आपके सामने पेश करने के लिए चुनी जाती हैं बेहतरीन मॉडल्स। इन मॉडलों को इससे पहचान के साथ मिलता है पैसा और डिजाइनर को मिलते हैं कॉर्पोरेट घराने और सेलिब्रिटी ग्राहक।
रैंप पर चलते मॉडल, डिजाइनर कपड़ों की भरमार और तेज रोशनी और इन सबके साथ सितारों का जमावड़ा। दिल्ली के एलीट क्लास के लिए मानो महाकुंभ ही हो, वहीं मॉडल्स और डिजाइनरों के लिए पैसा कमाने का अच्छा मौका है। इस पूरे हफ्ते 19 डिजाइनर 13 कलेक्शन पेश कर रहे हैं। इस दौरान 500 से भी ज्यादा कपड़े का प्रदर्शन होना है। इस शो में 400 से ज्यादा मेहमान हैं। खास बात यह है कि डिजायनरों ने अपने अपने खरीदारों को भी बुलाया है।
इस शो में जहां मानव गंगवानी 35 कपड़े का डिजाइन को शोकेस कर रहे हैं, वहीं सब्यसाची मुखर्जी ने तो इस शो का आगाज शानदार तरीके से किया। सब्यसाची के ड्रेस की रेंज 50 हजार रुपये से शुरू है और यह आठ लाख रुपये तक की है। वहीं राकेश अग्रवाल के कपड़े सात लाख रुपये तक के हैं। इस शो में मनीष मल्होत्रा ने भी अपने कलेक्शन को शोकेस किया है। एक डिजाइनर 15 से 30 तक मॉडल्स को एक बार में पेश करते हैं। यानी औसत अगर 20 मॉडल एक डिजाइनर के कलेक्शन पेश करती हैं, तो कोत्योर वीक में करीब 260 मॉडलों को मौका मिला। वैसे इनमें कई मॉडल वही होती हैं, लेकिन इन मॉडल्स को मिलने वाली रकम देखें, तो 5000 से 50000 रुपये तक इन्हें मिलते हैं। औसत दस हजार रुपये के लिहाज से एक कोत्योर वीक में मॉडल्स को मिलने वाली रकम करीब बैठती है 26 लाख रुपये। तो इस तरह फैशन के बिजनेस का गणित बैठता है।
फैशन और ग्लैमर की रंगीन चमक में शायद ही किसी का ध्यान इस तरफ जाता हो कि इस फैशन इंडस्ट्री से जुड़ी कई छोटी-छोटी इंडस्ट्रीज हैं। और इनसे जुड़े लोगों को मिलता है पर्ल्स इंफ्रास्ट्रक्चर कोत्योर वीक जैसे आयोजनों के जरिए रोजगार। जैसे-जैसे लोग फैशन के प्रति जागरुक होते जा रहे हैं, फैशन कारोबार भी तेजी से फैल रहा है। आज यह रिटेल बाजार के सबसे बड़े हिस्सेदारों में से एक है। देश के 55 हजार करोड़ रुपये के संगठित रिटेल में डिजाइनर कपड़ों से लेकर फैशन का पूरा कारोबार 30,000 करोड़ रुपये का हो चुका है। चाहे कपड़े हों, एक्सेसरीज, जूते या फिर आभूषण, यह रिटेल कारोबार का 40 परसेंट हिस्सा ले चुका है। हर साल यह उद्योग करीब 15 परसेंट की दर से बढ़ रहा है।
देश में असंगठित और संगठित रिटेल क्षेत्र कुल 12 लाख करोड़ रूपए का है, जिसमें फैशन से जुड़ी पूरी इंडस्ट्री करीब एक लाख करोड़ रुपये की है।
एक फैशन शो में डिजाइनर के अलावा बाउंसर और मॉडल की भी अच्छी कमाई हो जाती है। एक शो के लिए करीब 50 बाउंसर को काम पर लिया जाता है और हर रोज इनको करीब आठ सौ रुपये से लेकर एक हजार रुपये तक दिया जाता है। वहीं एक शो में करीब पांच से 12 सेल्सब्वॉय या गर्ल होते हैं। ज्यादातर कॉलेज जाने वाले लड़के या लड़की इस काम के लिए रखे जाते हैं। सेल्सब्वॉय को करीब ढ़ाई हजार रुपये से लेकर पांच हजार रुपये रोज दिए जाते हैं। हालांकि यह एक पार्टटाइम जॉब ही है। वहीं एक शो में करीब 30 वालंटियर को भी रखे जाते हैं। ये लोग फैशन इंस्टिट्यूट के स्टूडेंट होते हैं। हालांकि इन्हें कुछ पैसे तो नहीं मिलते हैं, लेकिन इससे आने वाले दिनों के लिए इनका कॉन्टैक्ट्स बढ़ता है, जो बाजार में काफी मददगार होता है।
एसोचैम का अनुमान है कि भारत की फैशन इंडस्ट्री 2012 तक साढ़े सात सौ करोड़ रुपये की हो जाएगी। फिलहाल यह 500 करोड़ रुपये से ज्यादा की हो चुकी है। रितु बेरी, मनीष मल्होत्रा और रोहित बल जैसे डिजायनरों ने इस इंडस्ट्री को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।