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सुपर सोल्जर्स

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Thu Aug 26 2010 16:14:28 GMT+0530 (India Standard Time)

आज की तारीख में किसी भी देश के लिए सबसे बड़ा मुद्दा सुरक्षा है। इसके लिए बजट का सबसे बड़ा हिस्सा भी इसपर खर्च किया जाता है। ख़ुद को मज़बूत बनाने के मिशन में वैज्ञानिक और इंजीनियरों को लगाया जाता है, क्योंकि यह दुनिया कभी भी शांत नहीं रही। लड़ना जैसे यहां का धर्म हो, लेकिन जैसे-जैसे वक़्त बदला जंग की सूरत भी बदली गई। बदल गए वे हीरो, जिन्होंने जंग की कहानी लिखी। उनकी ताक़त में इज़ाफा होता गया। इसमें सबसे ज़्यादा अगर किसी ने काम किया तो वह थी बदलते वक़्त की आधुनिक तकनीक। जिसने बदल दिया युद्ध का अदांज़। इसीलिए अब आ रहे हैं वे जवान, जो एक कम्प्यूटर की तरह काम करते हैं। लोहे और बारूद से लैस हैं और इन फ्यूचर सोल्जर्स को हम कहते हैं सुपर सोल्जर्स।

आने वाले ज़माने में सुपर सोल्जर्स पैदा होंगे, जिनका पूरा शरीर कम्प्यूटराइज़्ड होगा, जो असंभव को संभव करने वाले होंगे। जिनके पास होगी तकनीक की असीम ताक़त और वे करेंगे हमारी सुरक्षा। वे चलते-फिरते तोपखाने होंगे और उनकी इस जंग में साथ देगा अत्याधुनिक रोबोट भी। बदलते वक़्त के साथ जंग के जवानों को भी बदलना जरूरी है। आज जिसके पास सबसे अच्छी तकनीक है उसके पास सबसे बड़ी ताक़त है। यही इस वक़्त की पहचान है। आने वाले दिनों में हमारे जवान कैसे होंगे और कैसा होगा जंग का हाल एक नजर...

जैसे-जैसे दुनिया में आतंकी ख़तर बढ़ रहा है, उसे देखते हुए भविष्य में देश, देश से नहीं, बल्कि वह आतंकियों से लडे़गा। आतंकियों से निपटने के लिए उनके घरों में घुसकर मारना होता है और इसके लिए हमारे पास ऐसी तकनीक होनी चाहिए, जिससे कम से कम नुकसान हो। आइए जानते हैं, सुपर फ्यूचर सोल्जर्स के पास क्या- क्या होगा, जो उसे बनाएगा सुपर सोल्जर...
-हैमर क्लास ग्राउंड ड्रोन, जो एक रोबोट है और यह दुश्मनों को चुन-चुनकर मार गिराने में माहिर है।
-सोल्जर्स के शरीर पर होगा दूसरा कंकाल। यह होगा रोबोटिक कंकाल यानी एक्सोस्केलेटन।
-अत्याधुनिक कम्प्यूटर प्रोग्राम से लैस एमआर बी असाल्ट राइफल्स।
-कंधे पर होगा छोटा रॉकेट लान्चर, जो एक टैंक भी उड़ाने की ताक़त रखता है।
-इतना ही नहीं, एक आंख पर लगा होगा कैमरा, एक क्रॉस कैम, जो जुड़ा होगा सीधे ऑटोमेटिक बंदूक से। यह बताएगा दुश्मनों की लोकेशन।
-सोल्जर्स के पास ऐसी टेक्नोलॉजी होगी कि वे ग़ायब हो सकें।

फ्यूचर सोल्जर्स की आंखों पर होगी एक और आंख, जिससे वे अपने दुश्मनों को पहचान सकेगा। यह तकनीक अमूमन तैयार की जा चुकी है। यह ऐसी तकनीक है जिसमें सोल्जर्स एक दूसरे से जुड़े रहेंगे और एक-दूसरे को पूरी जानकारी शेयर करेंगे। वैसे, फ्यूचर सोल्जर्स के लिए कुछ टेक्नोलॉजी को डेवलप किया जा चुका है। इसमें हर सोल्जर दूसरे सोल्जर की आंख बन जाता है, जिससे उसे अपने दुश्मनों की पोजिशन का अंदाजा आसानी से मिल जाता है और टीम के तौर पर काम करना बेहद आसान हो जाता है। मसलन, अगर किसी जगह पर कोई आतंकी छुपा है या कोई किडनैपर है, जो किसी को किडनैप करके लाया है तो उसे पकड़ना बेहद आसान हो जाता है। सोल्जर्स के ऑटोमेटिक गन का कैमरा भी हैलमेट के सीपीयू से जुड़ा होता है और यह कैमरा सोल्जर की आंखों पर लगी स्क्रीन पर सब कुछ दिखाता रहता है। यानी बिना दुश्मन के सामने आए ही दुश्मन निशाना बन जाएगा। इतना ही नहीं, सोल्जर्स एक दूसरे को दुश्मन की तस्वीरें भेज सकते हैं, जिससे उसे पकड़ना आसान हो जाएगा। तकनीक थोड़ी और आगे जा रही है और इसे सेटेलाइट से जोड़ने की तैयारी है, ताकि जवानों को सेंट्रल सिस्टम से और ज़्यादा जानकारी और मदद मिल सके।

जीपीएस से लैस सोल्ज़र, जिसमें सोल्ज़र्स के ऊपर रोबोटिक स्केलेटन लगा होगा और यह लोहे का इंसान बनाएगा, जो भारी से भारी वज़न उठाने में माहिर होगा जो दुश्मनों के छक्के छुड़ा देगा। सोल्जर का बाहरी कंकाल, जिसे नाम दिया गया है सर्कोस। यह सोल्जर्स का भविष्य है, जिसमें होगा आधा इंसान और आधा कंकाल। यह करीब दो टन तक वज़न आसानी से खींच सकता है। यही है इसकी ताक़त और यह भी जान लीजिए कि इससे इंसानी शरीर पर असर नहीं पड़ता है। इसके लिए सोल्ज़र को कोई दिमाग़ लगाने की भी ज़रूरत नहीं, उसे तो बस अपने साथी रोबोट को इशारा भर करना है और वह अपना काम करने लगेगा। एक आम इंसान से 20 गुना ज़्यादा तेज़ी से और वह भी बेहद आसानी से। इस पूरे बाहरी रोबोटिक कंकाल को अपने शरीर पर लादे जवान आसानी से सब कुछ कर सकता है। लेकिन यह एक प्रोटोटाइप है, इसे बाहर से पावर देनी पड़ती है। लेकिन वह वक़्त दूर नहीं, जब यह प्रोटोटाइप रोबोटिक कंकाल पोर्टेबल रोबोटिक कंकाल बन जाएगा। सुपर सोल्जर्स का एक हिस्सा और इसके लिए रिसर्च जारी है।

जंग ने हमेशा क़त्लेआम किया है और जिसने जितनी सफाई से सबसे ज़्यादा क़त्लेआम किया वह सबसे आगे रहा। अकबर बादशाह से लेकर वर्ल्ड वॉर 2 तक और वर्ल्ड वॉर 2 से लेकर इराक और अफगानिस्तान तक। हर जगह जंग की सूरत बदलती गई। बदलते वक़्त ने इंसान को ज़्यादा से ज़्यादा ताक़त बख़्शी है और आने वाला वक़्त कुछ ज़्यादा ही ख़तरनाक होने वाला है। इसी सदी में लड़ाई का स्वरूप काफी हद तक बदला है। लेकिन ज़मीन के लिए होने वाली ऐसी जंग के लिए अब शायद दुनिया में जगह नहीं बची है, बल्कि दुनिया अब नए तरह की जंग में व्यस्त हो चुकी है। वह है आतंकवाद से जंग। यह जंग बाकी सभी जंग से बेहद ख़तरनाक है, लेकिन तकनीक कई क़दम आगे आ चुकी है। लेकिन अब दुनिया और आगे जा रही है। फ्यूचर के सोल्जर्स को इतनी ताक़त दी जा रही है कि वे कहलाएंगे सुपर सोल्जर्स।

 

 

 

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