Wed Jul 28 2010 16:09:34 GMT+0530 (India Standard Time)
पर्ल्स ग्रुप द्वारा प्रायोजित चंडीगढ़ थियेटर फेस्टिवल का आयोजन बेहद सफल रहा। 24 जुलाई से शुरू हुए इस फेस्टिवल में अभिनेता टॉम एल्टर, शबाना आजमी, सरीता जोशी जैसी नामीगिरामी हस्तियों ने अपनी अदाकारी का जलवा बिखेरा।
एक शायर के तौर पर गालिब जितने ही अजीम हैं, एक किरदार के तौर पर उन्हें निभाना उतनी ही बड़ी चुनौती, लेकिन चंडीगढ़ थियेटर फेस्टिवल में गालिब की जिंदगी और उनकी शायरी को टॉम अल्टर ने महज निभाया नहीं, जीया। कुछ इस तरह कि लगा जैसे गालिब का किरदार नहीं खुद गालिब आ गए हैं चंडीगढ़ के टैगोर थियेटर। पर्ल्स इंस्टीट्यूट ऑफ हॉस्पिटैलिटी एंड मैनेजमेंट की ओर से स्पांसर्ड चार दिन के इस थियेटर फेस्टीवल में शबाना आजमी भी नजर आईं। गिरीश कर्नाड के नाटक ब्रोकेन इमेजेज में एलेक पद्मसी का डायरेक्शन जितना सधा था उसी तरह शबाना की अदाकारी भी संयमित और संतुलित थी।
ब्रोकेन इमेजेज की तरह नादिरा बब्बर का नाटक सकुबाई भी चंडीगढ़ के दर्शकों को खूब पसंद आया। नादिरा ने इस नाटक को लिखा भी है और इसे डायरेक्ट भी किया है।
चंडीगढ़ थियेटर फेस्टीवल में जिस तरह गालिब, गोस्वामी तुलसीदास, ब्रोकेन इमेजेज और सकुबाई को देखने लोगों की भारी भीड़ उमड़ी, उससे यह साफ है कि यहां थियेटर को लेकर लोगों की दिलचस्पी कम नहीं, अब जरूरत है तो बस इसे सांस्कृतिक आंदोलन का रूप देने की।