Tue Aug 31 2010 22:01:13 GMT+0530 (India Standard Time)
क्रिकेट का अंडरवर्ल्ड है, जहां हर एक लम्हा बिकता है। पल-पल पर लगा है पैसा। हर समय लगा है सट्टा और इस सट्टे के खेल में घुसे हुए हैं गैंगस्टर्स, जिनके कनेक्शन हैं क्रिकेटर्स से। यह क्रिकेट के क्रिमिनल हैं जिन्होंने ख़ुद को बेच दिया है। पाकिस्तान के इन नापाक खिलाड़ियों को बचाने के लिए उनके देश के हुक्मरान कोई कोर कसर नहीं छोड़ना चाहते। वे मानने को तैयार नहीं हैं कि क़सूरवार हैं उनके क्रिकेटर, उन्हें सबूत चाहिए। उन्हें सच्चाई उगलते वीडियो पर भरोसा नहीं, उन्हे मीडिया की रिपोर्ट्स पर भरोसा नहीं। उन्हें क्रिकेट के सौदगारों का क़बूलनामा भी कबूल नहीं। उन्हें अपने उन खिलाड़ियों पर यकीन है जो पैसों के आगे बन चुके हैं क्रिकेट के माफिया।
फिक्सिंग का नाता गैंगस्टर्स से पुराना है। लेकिन इस बार यह नाता मुंबई के लिए ख़तरा बन चुका है। पाकिस्तानी क्रिकेटर्स की फिक्सिंग फैक्ट्री का खुलासा हुआ तो सटोरिये डर गए और उन्हें छोटा राजन दे रहा है प्रोटेक्शन, जबकि दाऊद इब्राहिम सट्टे का पैसा रिलीज़ करने के लिए दबाव बना रहा है। ऐसे में मुंबई में कभी भी हो सकती है दो गैंग्स के बीच वॉर। दाऊद इब्राहिम कहीं भी हो दुनिया के किसी कोने में बैठा हो लेकिन उसका कारोबार पूरी दुनिया में चलता रहता है। तमाम अवैध कारोबार में से डी कम्पनी का एक कारोबार है मैच फिक्सिंग का और यह ऑपरेट होता है मुंबई से। मुंबई में दाऊद के तमाम एजेंट हैं जो क्रिकेट मैच से पैसा बनाने के लिए सट्टे का बाज़ार चलाते हैं।
इंग्लैंड और पाकिस्तान के बीच में हुई टेस्ट सीरीज़ में भी दाऊद के एजेंट्स ने करोड़ों का दांव खेला। लेकिन भारत के सट्टा बाज़ार में वे करोड़ों रुपए अब फंस चुके हैं। सट्टेबाज़ इन पैसों को रिलीज़ करने का ख़तरा नहीं उठाना चाहते, क्योंकि मामला गरम हो चुका है और जो भी इस आग में हाथ डालेगा जलना तय है। लेकिन सटोरियों के तय कर लेने से क्या होता है, जो फैसला करना है वह दाऊद इब्राहिम को करना है। पहले टेस्ट मैच पर लगे थे 1500 करोड़ रुपए और सटोरिए चाहते हैं कि बेटिंग के पैसों का भुगतान न किया जाए। लेकिन यहां डी कम्पनी का साया मंडरा रहा है और डी कम्पनी से कभी भी आदेश आ सकता है कि पैसे रिलीज़ किए जाएं।
लेकिन इधर मुंबई में छोटा राजन का गैंग भी है और छोटा राजन की दाऊद इब्राहिम से दुश्मनी किसी से छिपी नहीं है। लिहाज़ा दुश्मन का दुश्मन दोस्त, राजन ने सटोरियों को सिक्योरिटी दे दी है। सटोरियों की भाषा में सट्टे का जो सौदा पाकिस्तान और इंग्लैंड के गेम पर हुआ था वह फोक होना चाहिए, लेकिन राजन के संरक्षण के बावजूद वे कोई फैसला नहीं ले पा रहे। दरअसल दाऊद पाकिस्तान में रहते हुए पाकिस्तानी खिलाड़ियों से मिलता रहता है और इसी मोलजोल से साबित हो जाता है कि दाऊद को इंग्लैंड में होने वाले पहले मैच का नतीजा पता था और उसने इस पर ढेर सारा सट्टा खेला। अब सटोरियों ने पैसों का भुगतान रोक रखा है।
ज़ाहिर है दाऊद इब्राहिम उन पर दबाव बनाएगा। सटोरियों के लिए ये मुसीबत बन चुका है। एक तरफ डी कम्पनी का दबाव है और दूसरी तरफ सी कम्पनी की सिक्योरिटी। दोनों तरफ से सटोरियों को ही मरना है, लेकिन एक बात तय है कि पाकिस्तानी खिलाड़ियों के फिक्सिंग में पकड़े जाने से मुंबई में गैंगवार का ख़तरा बढ़ चुका है। सी कम्पनी यानी छोटा राजन के गैंग ने ठाणे, नवी मुंबई और नॉर्थ मुंबई के सटोरियों के सर पर हाथ रख दिया है। सी कम्पनी इन्हें भुगतान से रोकेगी और डी कम्पनी भुगतान के लिए दबाव बनाएगी। ज़ाहिर है गैंगवार की आशंका पनप रही है। पाक भले ही उस वीडियो को सबूत ना माने लेकिन यह वीडियो आइने की तरह साफ है और क्रिकेट के क्रिमिनल्स के ख़िलाफ़ सबसे बड़ा सबूत भी है।
क्रिकेट इतिहास की सबसे बड़ी मैच फिक्सिंग, सबसे नापाक खिलाड़ी और उनकी सबसे नापाक करतूत। फिर भी पाकिस्तान को यह सब नहीं दिखता, उसे अभी भी सबूत चाहिए। लंदन के अख़बार न्यूज़ ऑफ द वर्ल्ड ने जो खुलासा किया उस पर इन्हें यकीन नहीं। बुकी मजीद जब यह पैसे गिन रहा था तब क्या पीसीबी ने आंखें मूंद रखी थीं ? रहमान मलिक को क्या ये सबूत नहीं लगते ? मज़हर मजीद नोटों की गड्डियां इकट्ठी कर रहा था, तब क्या पाकिस्तान सो रहा था ? वीडियो चीख़- चीख़कर सबूत दे रहा है, वीडियो में आई एक- एक बात सच बनकर सामने आई फिर आखिर क्या चाहिए पीसीबी को ? क्या चाहिए पाक गृह मंत्री को जिसे वे सबूत कह सकें ?
इंग्लैंड और पाकिस्तान क्रिकेट का मक्का कहे जाने वाले लॉर्ड्स के मैदान पर चौथा टेस्ट मैच खेलने वाले थे और उससे ठीक एक दिन पहले 25 अगस्त की शाम लंदन के एक होटल में यह स्टिंग ऑपरेशन किया गया। मजीद ने नोबॉल का खेल खेला पहली इनिंग में, तीसरे ओवर की पहली गेंद होगी नोबॉल। बॉल डालेगा आमेर। मजीद के कहे मुताबिक आमेर ने डाल दी नोबॉल, अब इससे बड़ा सबूत क्या चाहिए ? जैसा बुकी ने कहा वैसा हुआ ?
एक और नो बॉल बेचा गया, दसवें ओवर की आख़िरी गेंद। जी हां, मजीद ने सौदा कर दिया और तेज़ गेंदबाज़ मोहम्मद आसिफ ने इसे मुक्कमल अंजाम दिया। अब क्या कहेंगे मलिक साहब और सबूत चाहिए। चलिए एक और सबूत देतें हैं, मजीद ने डेढ़ लाख पाउंड में किया था तीन नोबॉल्स का सौदा और तीसरी नोबॉल 26 अगस्त को नहीं फेंकी जा सकी। लिहाज़ा तय हुआ कि इसे अगले दिन अंजाम देंगे, तय हो गया कि आमेर अगले दिन अपने तीसरे ओवर की तीसरी गेंद नो बॉल डालेगा। मलिक साहब आपके लड़कों में बहुत क्रिकेट है और वे बेहद काबिल खिलाड़ी हैं। लेकिन अफसोस जब-तब बिक जाते हैं।
आमेर ने तो पैसा खाया था कप्तान साहब उनकी अगुवाई कर रहे थे। तभी तो आमेर का तीसरा ओवर आया और वह तीसरी बॉल डालने जा रहा था कि कप्तान सलमान बट्ट ने उसे रोका, कुछ बातचीत की। सभी को लगा फील्ड प्लेसमेंट को लेकर बात हो रही होगी लेकिन फिल्ड प्लेसमेंट चेंज नहीं हुई। ज़ाहिर है सलमान बट्ट आमेर को याद दिला रहे थे कि फिक्सिंग के तहत उसे नोबॉल डालनी थी। इंग्लिश टीम की बखिया उधेड़ रहा था, उसके क़दमों में अचानक ऐसा क्या हो गया कि वह सफेद लाइन से इतना आगे चला गया। करीब-करीब दो फुट आगे।
अब इसके अलावा और क्या सबूत चाहिए। अगर वीडियो झूठा है तो क्या वह आदमी भी झूठा है जो वीडियो में दिख रहा है। मजीद नाम है उसका और जब पाकिस्तानी खिलाड़ी ऑस्ट्रेलिया में मैच खेल रहे थे तब भी ये आदमी उनके ड्रेसिंग रूम में मौजूद था। अगर यह सबूत काफी नहीं तो लगता नहीं कि आपका देश कभी भी अपने खिलाड़ियों की ग़लती कबूल करनेवाला है। एक और वीडियो है जिसमें दो पाकिस्तानी खिलाड़ी बुकी से पैसा लेते हुए दिख रहे हैं। यह भी सबूत पाक गृह सचिव और पीसीबी को फेक लग रहे हैं।
14 50-50 पाउंड के बंडल हैं यानी की एक लाख 40 हज़ार पाउंड। दस हज़ार पाउंड मजीद को पहले ही दिया जा चुका था। पैसों में मजीद का मोटा हिस्सा था, इसिलिए वह एक-एक नोट गिनकर वहां से निकला। वीडियो 19 अगस्त का है, जब पहला स्टिंग ऑपरेशन किया गया। इसके बाद मजीद पाकिस्तानी खिलाड़ियों से मिलने पहुंचा पास के रेस्टोरेंट में पैसे उड़ाए गए और रेस्टोरेंट के बाहर का नज़ारा देखने लायक था। जिस जैकेट में मजीद ने 10 हज़ार पाउंड रखे थे, पहले तो उसने जैकेट खोलकर खिलाड़ियों को पैसा दिखाया और फिर जैकेट निकाला और वहाब रियाज़ को पहना दिया। पहन लिया वहाब रियाज़ ने 10 हज़ार पाउंड पहुंच गए पाकिस्तानी खिलाड़ियों के पास। इसके अलावा क्या सबूत चाहिए पाकिस्तान को। सब कुछ आइने की तरह साफ दिख रहा है। अब भी अगर पाकिस्तानी हुक्मरान क्रिकेट के गुनहगारों को नहीं पहचान पाए हों तो इन्हें पहचान लें।
मोहम्मद आमेर, मोहम्मद आसिफ, सलमान बट्ट, उमर आमिन, वहाब रियाज़ और कामरान अकमल ये 6 चेहरे तो सामने दिख रहे हैं लेकिन मजीद के मुताबिक ऐसे 7 खिलाड़ी हैं जो फिक्सिंग में उसके साथी हैं। सातवां कौन है अभी साफ नहीं हुआ है, लेकिन जो 6 चेहरे सामने हैं क्या इन्हें भी पाकिस्तान नहीं पहचान रहा ? अब तक आपकी अवाम इन खिलाड़ियों को कोस रही थी जो देश से दग़ा कर रहे थे। अगर जल्द ही कार्रवाई नहीं की और बहानेबाज़ी चलती रही तो वही अवाम पाकिस्तानी सरकार को भी कोसने लगेगी।
स्काई न्यूज़ के हवाले ख़बर मिली है कि स्कॉटलैंड यार्ड ने फिक्सिंग के मामले में तीन और गिरफ़्तारियां की हैं। आपको बता दें कि अब तक इस मामले में बुकी मजीद गिरफ़्तार हो चुका है और ज़मानत पर रिहा भी हो चुका है। उधर सलमान बट्ट, मोहम्मद आमेर और मोहम्मद आसिफ को लंदन तलब किया गया है। इन्हें पाकिस्तानी हाई कमीशन ने बुलाया है, उनसे फिक्सिंग मामले को लेकर पूछताछ की जाएगी। तीनों खिलाड़ी वन-डे सीरीज़ के लिए प्रैक्टिस कर रहे थे और उसी बीच में इन्हे लंदन वापस बुलाया गया। सूत्रों के मुताबिक इनसे स्कॉटलैंड यार्ड भी पूछताछ कर सकती है और अब ऐसा लगने लगा है कि तीनों वनडे सीरीज़ नहीं खेल पाएंगे।
ऑस्ट्रेलिया के ऑलराउंडर शेन वॉटसन और विकेटकीपर ब्रैड हैडिन ने भी अब सामने आकर कहा है कि सट्टेबाज़ों ने उनसे भी पिछले साल बातचीत करने की कोशिश की थी। फिक्सिंग की जिन्न सिर्फ पाकिस्तान में ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में अपने पैर पसारते जा रहा है। इसी कड़ी में ऑस्ट्रेलिया के 2 क्रिकेटर ब्रैड हैडिन और शेन वॉटसन ने मंगलवार को सनसीनखेज़ खुलासा किया। एक ऐसा खुलासा जिससे फिक्सिंग में भारतीय क्नेक्शन की बात सामने आई है।
वॉटसन के मुताबिक पिछले साल एशेज सीरीज़ के दौरान एक भारतीय बुकी ने उनसे घुलने- मिलने की कोशिश की थी। ऑस्ट्रेलियाई विकेटकीपर ब्रैड हैडिन ने भी इस कड़ी में एक और खुलासा किया। हैडिन के मुताबिक पिछले साल ही टी-20 विश्व कप के दौरान एक संदिग्ध व्यक्ति ने उनसे मुलाकात करने की कोशिश की। ऑस्ट्रेलिया के इन खिलाड़ियों के खुलासों ने इतना साफ कर दिया है कि सट्टेबाज़ों का नेटवर्क पूरी दुनिया के क्रिकेटरों को अपने मकड़जाल में फंसाने की कोशिश कर रहा है। अब इससे बचना है तो आईसीसी और सारे देशों के बोर्ड को जल्द ही जागना होगा, वरना आए दिन ऐसे फिक्सिंग के नज़ारे हम देखते रहेंगे।
पीसीबी अध्यक्ष एज़ाज बट्ट के बाद पाकिस्तानी सरकार भी अपने खिलाड़ियों का बचाव करने की नापाक कोशिश में जुट गई है। बयान वैसे ही दिए जा रहे हैं जैसे अभी तक पाकिस्तान से आते रहे हैं। खेल मंत्री एज़ाज हुसैन और गृह मंत्री रहमान मलिक ने सिर्फ आश्वासन ही दिया की जांच के बाद ही कोई कार्रवाई की जाएंगी। इंतज़ार किया जा रहा है तो बस स्कॉटलैंड यार्ड की रिपोर्ट का।
लेकिन हद तो अब हो गई है, क्योंकि अब पाकिस्तान के गृह मंत्री रहमान मलिक ने सीधे सीधे न्यूज़ ऑफ द वर्ल्ड के स्टिंग ऑपरेशन पर जाली होने का अंदेशा जता दिया। रहमान मलिक साहब किस बैगैरत से स्टिंग पर ही सवाल उठा रहे हैं। यहां तक कि मलिक ने तो पाकिस्तान टीम के खिलाफ साजिश होने का भी अंदेशा जताया। मलिक के बयान उस वक्त आ रहे हैं, जब कराची हाई कोर्ट ने दोषियों पर कड़ी कार्रवाई के आदेश जताए हैं। लेकिन लगता है कि पाकिस्तान सरकार पर अपने खिलाड़ियों की इस काली करतूत का कोई फर्क नहीं पड़ता।
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने भले ही पाकिस्तान के तीन खिलाड़ियों को प्रैक्टिस के दौरान रोककर लंदन में तलब किया हो, लेकिन अभी भी इसमें सभी को शक ही है कि पीसीबी खिलाड़ियों के खिलाफ कड़े फैसले लेगा। पाक क्रिकेटरों की करतूत किसी से छिपी नहीं रही। दुनिया भर के क्रिकेटरों और फैन्स ने स्पॉट फिक्सिंग का नज़ारा अपनी आंखों से देखा। क्रिकेट पर ऐसा धब्बा लगा जो शायद ही अब कभी मिटाए मिट सके। लेकिन लगता है पीसीबी तो सिर्फ आंख बंद करके बैठे रहना चाहती है। पाकिस्तान और विश्व क्रिकेट पर कलंक लगने के बाद भी पाकिस्तान खिलाड़ियों की इस काली करतूत पर अभी कोई कार्रवाई नहीं करना चाहती। अभी तो पीसीबी इन्हें सिर्फ आरोप मानकर चल रही है।
पीसीबी अध्यक्ष इज़ाज बट्ट का इस पर कहना है कि जब तक पुलिस को इस पूरे मामले पर कठोर सबूत नहीं मिल जाते, तब तक हम कोई कार्रवाई नहीं करेंगे। एजाज़ साहब ज़रा स्टिंग आपरेशन की तस्वीरों को देखिए, बुकी मज़हर मजीद सीधे- सीधे पाकिस्तानी टीम के क्रिकेटरों की बात कर रहा है। कप्तान सलमान बट्ट की तो इतनी ज़बान भी नहीं खुली की वे इन आरोपों को झूठा करार दे सके। मोहम्मद आसिफ की गर्लफ्रैंड ने तो आसिफ की सीरियल फिक्सर तक करार दिया और साथ ही ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हुई सीरीज़ के फिक्स होने के भी आरोप लगाए। क्रिकेटर के इन क्रिमनलों की करतूत ने देश का नाम पूरी दुनिया में बदनाम कर दिया। पाकिस्तान की आम आवाम का सिर शर्म से झुक गया, लेकिन फिर भी पाकिस्तान क्रिकेट के हुक्मरानों को कोई फर्क नहीं पड़ता। वह तो अभी भी सिर्फ इतंज़ार करना चाहता है। इंतज़ार उस पल का जब क्रिमनल कोई नया गुल खिलाए और देश का दामन और दागदार करे।